Skip to content

“साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, दिशा भी है।”

Facebook X Instagram
sahitya srijan

साहित्य सृजन

  • होम
  • लेख-वैविध्य
  • लेखक-परिचय
  • पुस्तक चर्चा
  • कवितायेँ
  • हमारे बारे में
sahitya srijan
साहित्य सृजन
  • vasu ka kutum cover page
    Hindi Articles

    मृदुला गर्ग की कहानी ‘वसु का कुटुम’ – मूल संवेदना | Vasu ka Kutum – By Mridula Garg

    ByDr. Anu Pandey April 4, 2021May 22, 2021

    मृदुला गर्ग समकालीन महिला लेखिकाओं में एक विशिष्ट स्थान रखती हैं | बहुचर्चित औपन्यासिक रचनाओं के अतिरिक्त हिंदी कहानी के क्षेत्र में भी शसक्त रचनाएँ देकर उन्होंने हिंदी साहित्य जगत में अपना महत्वपूर्ण हस्ताक्षर दिया है | अपने निजी जीवन के साथ-साथ अपनी रचनाओं में भी अपने विचारों को बेख़ौफ़ होकर बयां करना उनकी खासियत…

    Read More मृदुला गर्ग की कहानी ‘वसु का कुटुम’ – मूल संवेदना | Vasu ka Kutum – By Mridula GargContinue

  • किन्नर आत्मकथा
    Hindi Articles

    किन्नर आत्म कथाओं में अभिव्यक्त किन्नर समाज की पीड़ा | Third Gender Biography in Hindi

    ByDr. Anu Pandey March 18, 2021April 8, 2021

    हमारे पूरे समाज का ताना बाना स्त्री और पुरुष  इन्हीं दोनों के इर्द-गिर्द घूमता रहता है मानों इन्हीं से ही सम्पूर्ण समाज का अस्तित्व हो | परन्तु इन पूर्ण पुरुष एवं पूर्ण स्त्री के मध्य एक अपूर्ण एवं उपेक्षित वर्ग भी विद्यमान है | समाज के  अन्य वर्गों के मध्य अपनी पहचान, उपस्थिति एवं अपने…

    Read More किन्नर आत्म कथाओं में अभिव्यक्त किन्नर समाज की पीड़ा | Third Gender Biography in HindiContinue

  • manisha-kulshresth-ki-kahaniyan-kathputaliyan
    Hindi Articles

    मनीषा कुलश्रेष्ठ की कठपुतलियाँ कहानी संग्रह : मानवीय संवेदना | kathputaliyan kahani sangrah by Manisha Kulshrestha

    ByDr. Anu Pandey March 4, 2021April 6, 2021

    हिंदी के युवा साहित्यकारों में मनीषा कुलश्रेष्ठ एक कहानीकार और उपन्यासकार के रूप में विशेष स्थान रखती हैं। मनीषा कुलश्रेष्ठ की कहानियां अपने विषय वैविध्य के कारण विशेष रूप से प्रसिद्ध हुई हैं। कठपुतलियाँ कहानी संग्रह की कहानियों ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई है | इस संग्रह में कुल नव कहानीयां संग्रहित हैं। जिनमें मानव…

    Read More मनीषा कुलश्रेष्ठ की कठपुतलियाँ कहानी संग्रह : मानवीय संवेदना | kathputaliyan kahani sangrah by Manisha KulshresthaContinue

  • हिंदी कहानियां - व्यंग्य
    Hindi Articles

    दिलीप मेहरा की हिंदी कहानियों में व्यंग्य (सामाजिक विसंगतियों पर चोट)

    ByDr. Anu Pandey February 28, 2021March 31, 2021

    व्यंग्‍य की उत्पत्ति ही सामाजिक विसंगतियों, विद्रूपताओं, पाखंडों तथा विरोधाभासों से उपजने वाले असंतोष से होती है |  इसके माध्यम से एक रचनाकार अपने अनुभवों तथा अपने आस-पास के परिवेश की विसंगतियों को अप्रत्यक्ष रूप से पाठकों के समक्ष परोसता है | हिंदी साहित्य की अन्य विधाओं की ही भांति हिंदी कहानियों में व्यंग्य की उपस्थिति भली भांति देखी जा सकती…

    Read More दिलीप मेहरा की हिंदी कहानियों में व्यंग्य (सामाजिक विसंगतियों पर चोट)Continue

  • थर्ड जेंडर : हिंदी कहानियां,किन्नर विमर्श
    Hindi Articles

    थर्ड जेंडर : हिंदी कहानियां, किन्नर जीवन का संघर्ष | Third Gender : Hindi kahaniyan – Kinnar jeevan ka Sangharsh

    ByDr. Anu Pandey February 25, 2021April 8, 2021

    हिंदी साहित्य में दलित विमर्श, स्त्री विमर्श , आदिवासी विमर्शों की ही भांति किन्नर विमर्श आज किन्नरों के जीवन की हकीकतों को परत-दर परत खोलता चला जा रहा है | जहाँ हमारा संपूर्ण समाज स्त्री एवं पुरुष इन्हीं दो वर्गों को समाज की धुरी मान बैठा, है वहीं इन दोनों से पृथक  एक ऐसा वर्ग भी…

    Read More थर्ड जेंडर : हिंदी कहानियां, किन्नर जीवन का संघर्ष | Third Gender : Hindi kahaniyan – Kinnar jeevan ka SangharshContinue

  • दलित वर्ग के आत्म संघर्ष की कथा : टूटता वहम | Tootata Vaham By : Shushila Takbhore
    Hindi Articles

    दलित वर्ग के आत्म संघर्ष की कथा : टूटता वहम | Tootata Vaham By : Shushila Takbhore

    ByDr. Anu Pandey February 21, 2021April 8, 2021

    हमारा भारतीय समाज सदियों से ही अपनी अनेक सामाजिक विसंगतियों का दंश झेलता चला आ रहा है | फिर चाहे स्त्री की स्थिति हो या जाति व धर्म आधारित वर्ग भेद | इस वर्ग भेद या छुआछूत आदि के परिणाम स्वरूप हमारे अपने लोग अपनी सामाजिक एवं धार्मिक व्यवस्था से नित पलायन करते जा रहे हैं | हालाँकि आज स्थिति में…

    Read More दलित वर्ग के आत्म संघर्ष की कथा : टूटता वहम | Tootata Vaham By : Shushila TakbhoreContinue

  • देह की कीमत- तेजेंद्र शर्मा
    Hindi Articles

    स्त्री जीवन की विडम्बनाएं : देह की कीमत | ‘Deh ki Keemat’ kahani sangrah by : Tejendra Sharma

    ByDr. Anu Pandey February 18, 2021April 8, 2021

    तेजेंद्र शर्मा का नाम हिंदी के प्रवासी भारतीय साहित्यकारों में विशेष उल्लेखनीय है | २१ अक्टूबर १९५२ में पंजाब के जगरांव में जन्मे तेजेंद्र जी ने अपनी कविताओं, नाटकों और कहानियों के माध्यम से बहुत कम समय में ही हिंदी साहित्य जगत में अपना एक विशेष स्थान बना लिया है | अब तक उनके कुल…

    Read More स्त्री जीवन की विडम्बनाएं : देह की कीमत | ‘Deh ki Keemat’ kahani sangrah by : Tejendra SharmaContinue

  • मानवीय संवेदनाओं का कोलाज : ‘प्रवास में’ | ‘Pravas Mein’ Kahani Sangrah By Usha Raje Saxena
    Hindi Articles

    मानवीय संवेदनाओं का कोलाज : ‘प्रवास में’ | ‘Pravas Mein’ Kahani Sangrah By Usha Raje Saxena

    ByDr. Anu Pandey February 15, 2021April 8, 2021

    प्रवासी भारतीय साहित्य ने विगत कुछ वर्षों में हिंदी साहित्य संसार को बहुत ही समृद्ध किया है | हिंदी साहित्य में अन्य विमर्शों की भांति प्रवासी साहित्य भी अपनी विशेष पहचान के साथ हिंदी साहित्य में अपनी जड़ें जमता हुआ नजर आ रहा है | हिंदी भाषा में किसी विशेष शक्ति और आकर्षण का ही कमाल है कि आज…

    Read More मानवीय संवेदनाओं का कोलाज : ‘प्रवास में’ | ‘Pravas Mein’ Kahani Sangrah By Usha Raje SaxenaContinue

  • दाम्पत्य जीवन की दर्द भरी कहानियां : ‘दीवार में रास्ता’ | Deewar Mein Raasta Kahani Sangrah By- Tejendra Sharma
    Hindi Articles

    दाम्पत्य जीवन की दर्द भरी कहानियां : ‘दीवार में रास्ता’ | Deewar Mein Raasta Kahani Sangrah By- Tejendra Sharma

    ByDr. Anu Pandey February 15, 2021April 8, 2021

    प्रवासी भारतीय साहित्यकारों में अनेक ऐसे लेखक हैं जिन्होंने हिंदी साहित्य में अपना विशेष योगदान देकर हिंदी साहित्य संसार के भंडार को समृद्ध किया है | उषा राजे सक्सेना, दिव्या माथुर, तेजेंद्र शर्मा आदि इस विधा में लेखनी चलाने वाले कुछ विशिष्ट नाम हैं | २१ अक्टूबर १९५२ में जन्मे तेजेंद्र जी प्रवासी साहित्य संसार…

    Read More दाम्पत्य जीवन की दर्द भरी कहानियां : ‘दीवार में रास्ता’ | Deewar Mein Raasta Kahani Sangrah By- Tejendra SharmaContinue

  • विस्थापन का खट्टा-मीठा पारितोष – ‘वाकिंग पार्टनर’ | Walking Partner Kahani Sangrah by Usha Raje Saxena
    Hindi Articles

    विस्थापन का खट्टा-मीठा पारितोष – ‘वाकिंग पार्टनर’ | Walking Partner Kahani Sangrah by Usha Raje Saxena

    ByDr. Anu Pandey February 6, 2021April 6, 2021

    विस्थापन की वृत्ति प्रकृति प्रदत्त हर जीवों में देखी जा सकती है | फिर चाहे इसका मूल कारण आस-पास के भौगोलिक परिवेश में बदलाव हो, अथवा जीविका की जद्दोजहद | इतिहास में जहाँ इस वृत्ति के साक्ष्य भलीभांति परिलक्षित होते हैं वहीँ दूसरी ओर विज्ञानं इससे सम्बंधित तर्कों की वैज्ञानिक दृष्टि से पुष्टि भी करता…

    Read More विस्थापन का खट्टा-मीठा पारितोष – ‘वाकिंग पार्टनर’ | Walking Partner Kahani Sangrah by Usha Raje SaxenaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 2
sahitya srijan

साहित्य सृजन

हिंदी साहित्य का रचनात्मक मंच

यह मंच हिंदी साहित्य, संस्कृति, विचार और संवेदना के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित है |

त्वरित लिंक

  • होम
  • हमारे बारे में
  • लेख-वैविध्य
  • लेखक-परिचय
  • पुस्तक चर्चा
  • कवितायेँ

श्रेणियाँ

  • Author Biographies
  • Book Reviews
  • Hindi Articles
  • Hindi Poems

महत्वपूर्ण लिंक

  • गोपनीयता नीति
  • उपयोग की शर्तें
  • अस्वीकरण
  • DMCA नीति (कॉपीराइट सूचना)
  • साइटमैप

हमसे संपर्क करें

sahityasrijan986@gmail.com

© 2026 साहित्य सृजन. सर्वाधिकार सुरक्षित।

Facebook X Instagram

Designed with ❤️ for Hindi Literature

  • होम
  • लेख-वैविध्य
  • लेखक-परिचय
  • पुस्तक चर्चा
  • कवितायेँ
  • हमारे बारे में
Search