थर्ड जेंडर : हिंदी कहानियां,किन्नर विमर्श

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One Comment

  1. बहुत ही बढ़िया अवलोकन इन कहानियों का आपने किया है धन्यवाद । तृतीय पंथी के विषय मे अब तो विमर्श होते रहेते है पर समाज मे उसके साथ जो सहानुभूति की अपेक्षा है वह अभी नहीं दिखाई देती । विमर्श के चलते लोग जानने लगे है उनके जीवन की विडंबनाओ को समजने भी लगे है पर स्वीकृति अभितक नहीं मिल रही है।

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