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“साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, दिशा भी है।”

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  • किन्नर कथा - महेन्द्र भीष्म
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    किन्नर कथा -किन्नर जीवन की मार्मिक गाथा | Kinnar Katha By : Mahendra Bheeshm

    ByDr. Anu Pandey September 26, 2021September 25, 2021

    महेंद्र भीष्म द्वारा रचित किन्नर कथा उपन्यास हिंदी साहित्य की उन साहसिक रचनाओं में से एक है जिसने समाज को इस समुदाय को लेकर सोचने के लिए विवश किया है | किन्नर कथा उपन्यास उन रचनाओं की श्रेणी में आता है जिसने किन्नर समुदाय की वेदनाओं पर एक नयी जिरह को हवा दी है ।…

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  • Main Payal upanayas By Mahendra Bheeshm
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    महेंद्र भीष्म कृत ‘मैं पायल’ उपन्यास | Main Payal Upanayas By : Mahendra Bheeshm

    ByDr. Anu Pandey September 19, 2021October 3, 2021

    साहित्य में वर्तमान समय है विविध विमर्शो का जैसे –दलित विमर्श ,आदिवासी विमर्श और नारी विमर्श आदि | ये सभी विमर्श ऐसे व्यक्तियों के बारे में जिरह कर अपनी मान्यता ,अपने विचार प्रस्तुत करते  हैं जो अपने आप में पूर्ण हैं | जो या तो एक पूर्ण पुरुष हैं या पूर्ण स्त्री, जिनकी  समाज में…

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  • विद्रोह उपन्यास by : kailashchand chauhan
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    विद्रोह उपन्यास – विद्रोह करती नारियां | Vidroh Upanayas By : Kailash chand Chauhan

    ByDr. Anu Pandey September 13, 2021September 25, 2021

    दलित शब्द का अर्थ होता है दलन किया हुआ | अर्थात हर वह व्यक्ति जो शोषित है,  उत्पीड़न का शिकार है, वंचित एवं गरीब है, इस श्रेणी में आ जाता है | परन्तु पिछले कुछ दशकों से दलित शब्द के परिभाषा का दायरा संकीर्ण हो चुका है और इसका प्रयोग इतने व्यापक स्तर पर नहीं…

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  • पुरुष तन में फँसा मेरा नारी मन - Manobi Bandyopadhyay Thumnnail
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    पुरुष तन में फँसा मेरा नारी मन | Purush Tan Mein fansa Mera Nari Man By : Manobi Bandyopadhyay

    ByDr. Anu Pandey July 11, 2021September 2, 2022

    पुरुष तन में फँसा मेरा नारी मन उपन्यास की निम्न पंक्तियाँ अपने-आप में वह सब कुछ बयां कर देती हैं जो पहले अपनी अपूर्णता से पूर्णता की तलास और फिर उसकी प्राप्ति, अर्थात सोमनाथ से मनोबी बनने के अन्तराल में इस किरदार को भावनात्मक द्वंद्व तथा असीम उत्कंठा के साथ तय करना पड़ा होगा | “सोमनाथ…

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  • Usha-Priyamvada-Nadi Upnayas-Thumbnail
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    उषा प्रियंवदा कृत नदी उपन्यास | Nadi Upnayas By : Usha Privyamvada

    ByDr. Anu Pandey June 27, 2021July 1, 2021

    आज हिंदी साहित्य में नारी ,दलित,आदिवासी एवं किन्नर साहित्य भी भांति ही प्रवासी साहित्य की अपनी जड़े मजबूत करते हुए हिंदी साहित्य को समृद्ध कर रहा है | रोजी-रोटी की तलाश में विदेश जाने वाले लोगों में कुछ लोगों  ने विदेशी धरती पर रहते हुए अपने अनुभवक, अपनी संवेदना को तथा भारत भूमि के प्रति…

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  • भंवर उपन्यास- कैलाशचंद चौहान- Thumbnail
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    कैलाशचंद चौहान कृत भंवर उपन्यास – दलित स्त्री की संघर्षगाथा | Bhanvar Upnayas By : Kailashchand Chauhan

    ByDr. Anu Pandey June 20, 2021June 4, 2021

    हिंदी साहित्य के जाने माने दलित लेखक कैलाशचंद चौहान रचित एवं 2013 में प्रकाशित भंवर उपन्यास में दलित लोगों के संघर्ष, उनकी सोच, स्त्री शिक्षा के प्रति उनका नजरिया, जाति के प्रति रूढ़ मानसिकता तथा सामाजिक एवं पारिवारिक मूल्यों मान्यताओं में जकड़ी नारी के संघर्ष की कथा कही गई है | दलितों का निम्न जाति…

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  • पंकज सुबीर कृत ‘अकाल में उत्सव’ उपन्यास | Akaal mein Utsav Upnayas By : Pankaj Subir
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    अकाल में उत्सव उपन्यास : कृषक जीवन की त्रासदी | Akaal mein Utsav Upnayas By : Pankaj Subir

    ByDr. Anu Pandey June 13, 2021June 4, 2021

     “टप्प … आंगन में पहली बूंद गिरी | बूंद की आवाज ने उस छोटे से टूटे-फूटे मकान के अन्दर दहशत भर दी | उस साधारण सी आवाज में कितनी दहशत भरी थी | आवाजें या दृश्य अपने आप में दहशत नहीं, वह स्थितियां, जिनमे वह पैदा हो रहे हैं, उनके साथ मिलकर यह दहशत पैदा…

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  • मैं हिजड़ा मैं लक्ष्मी : By : Laxminarayan Tripathi - Thumbnail
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    मैं हिजड़ा मैं लक्ष्मी : बदलाव के पदचिह्न | Main Hijada Main Laxmi by : Laxminarayan Tripathi

    ByDr. Anu Pandey June 6, 2021August 14, 2026

    हमारा पूरा समाज स्त्री और पुरुष इन्ही  दो वर्गों में विभाजित है | इन्ही से ही सम्पूर्ण समाज का अस्तित्व माना जाता है | किन्तु इन्ही स्त्री और पुरुष के बीच खड़ा एक ऐसा वर्ग है जो न तो पूर्ण स्त्री है और न ही पूर्ण पुरुष है | अतः पूर्ण न होने के नाते…

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  • chitra_mudgal-Postbox-no-203-Naala-sopara-upnayas
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    पोस्ट बॉक्स नं. 203 नाला सोपारा उपन्यास में किन्नरों की स्थिति | Post Box No. 203 Nala Sopara Upnayas By : Chitra Mudgal

    ByDr. Anu Pandey May 30, 2021May 28, 2021

    पोस्ट बॉक्स नं. 203 नाला सोपारा पत्राचार शैली में लिखा गया एक मर्मस्पर्शी उपन्यास है जो समाज के मुखौटे को अपने प्रश्नों से कुरेदकर निकालता है

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  • जिंदगी 50-50 _ भगवंत अनमोल
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    ‘जिंदगी 50-50’ उपन्यास : अधूरी देह की पूरी कहानी | ‘Jindagi 50-50’ Upnayas By : Bhagvant Anmol

    ByDr. Anu Pandey May 23, 2021May 22, 2021

    एक किन्नर को उसके अपने परिवार, समाज से मिले दर्द तथा उसके साथ हुए अन्याय आदि को लेकर लिखा गया यह उपन्यास अपने आप में इस समाज के समक्ष अनेकों प्रश्न करता हुआ दिखाई देता है कि क्या किन्नर होना कोई अपराध है ? क्या किन्नर को समाज में जीने का कोई हक नहीं ?…

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  • sahitya srijan_Mausi Upnayas_Thumbnail
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    रमणिका गुप्ता के ‘मौसी’ उपन्यास में आदिवासी नारी | ‘Mausi’ Upnayas By : Ramanika Gupta

    ByDr. Anu Pandey May 16, 2021May 22, 2021

    आदिवासी व दलित रमणिका गुप्ता की रचनाओं के केंद्र में रहे है | उन्होंने नारी मुक्ति के अतिरिक्त आदिवासी साहित्यिक स्वर को व्यापकता प्रदान की तथा मजदूर आंदोलनों को बल प्रदान करने में उनकी बड़ी सहभागिता रही | रमणिका गुप्ता जी का ‘मौसी’ उपन्यास आदिवासी समाज की महिला के जीवन संघर्ष, उत्पीड़न, गरीबी और साथ…

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  • सीता_उपन्यास_थंबनेल
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    रमणिका गुप्ता का ‘सीता’ उपन्यास : आदिवासी नारी का संघर्ष | ‘Seeta’ Upnayas By : Ramanika Gupta

    ByDr. Anu Pandey April 11, 2021May 22, 2021

    जंगल में जन्म और जंगल में ही अपना सम्पूर्ण जीवन बिता देने वाले और जो आदिकाल से जंगल में ही रहते हों ,जंगल से प्राप्त वस्तुओं पर ही जिनका जीवन निर्भर हों ऐसे लोग आदिवासी कहे जाते हैं | प्रकृति की गोद में पले –बढ़े इन लोगों का जीवन बेहद संघर्षों से भरा होता है…

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