Skip to content

“साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, दिशा भी है।”

Facebook X Instagram
sahitya srijan

साहित्य सृजन

  • होम
  • लेख-वैविध्य
  • लेखक-परिचय
  • पुस्तक चर्चा
  • कवितायेँ
  • हमारे बारे में
sahitya srijan
साहित्य सृजन
  • मैं हिजड़ा मैं लक्ष्मी : By : Laxminarayan Tripathi - Thumbnail
    Hindi Articles

    मैं हिजड़ा मैं लक्ष्मी : बदलाव के पदचिह्न | Main Hijada Main Laxmi by : Laxminarayan Tripathi

    ByDr. Anu Pandey June 6, 2021August 14, 2026

    हमारा पूरा समाज स्त्री और पुरुष इन्ही  दो वर्गों में विभाजित है | इन्ही से ही सम्पूर्ण समाज का अस्तित्व माना जाता है | किन्तु इन्ही स्त्री और पुरुष के बीच खड़ा एक ऐसा वर्ग है जो न तो पूर्ण स्त्री है और न ही पूर्ण पुरुष है | अतः पूर्ण न होने के नाते…

    Read More मैं हिजड़ा मैं लक्ष्मी : बदलाव के पदचिह्न | Main Hijada Main Laxmi by : Laxminarayan TripathiContinue

  • chitra_mudgal-Postbox-no-203-Naala-sopara-upnayas
    Hindi Articles

    पोस्ट बॉक्स नं. 203 नाला सोपारा उपन्यास में किन्नरों की स्थिति | Post Box No. 203 Nala Sopara Upnayas By : Chitra Mudgal

    ByDr. Anu Pandey May 30, 2021May 28, 2021

    पोस्ट बॉक्स नं. 203 नाला सोपारा पत्राचार शैली में लिखा गया एक मर्मस्पर्शी उपन्यास है जो समाज के मुखौटे को अपने प्रश्नों से कुरेदकर निकालता है

    Read More पोस्ट बॉक्स नं. 203 नाला सोपारा उपन्यास में किन्नरों की स्थिति | Post Box No. 203 Nala Sopara Upnayas By : Chitra MudgalContinue

  • जिंदगी 50-50 _ भगवंत अनमोल
    Hindi Articles

    ‘जिंदगी 50-50’ उपन्यास : अधूरी देह की पूरी कहानी | ‘Jindagi 50-50’ Upnayas By : Bhagvant Anmol

    ByDr. Anu Pandey May 23, 2021May 22, 2021

    एक किन्नर को उसके अपने परिवार, समाज से मिले दर्द तथा उसके साथ हुए अन्याय आदि को लेकर लिखा गया यह उपन्यास अपने आप में इस समाज के समक्ष अनेकों प्रश्न करता हुआ दिखाई देता है कि क्या किन्नर होना कोई अपराध है ? क्या किन्नर को समाज में जीने का कोई हक नहीं ?…

    Read More ‘जिंदगी 50-50’ उपन्यास : अधूरी देह की पूरी कहानी | ‘Jindagi 50-50’ Upnayas By : Bhagvant AnmolContinue

  • sahitya srijan_Mausi Upnayas_Thumbnail
    Hindi Articles

    रमणिका गुप्ता के ‘मौसी’ उपन्यास में आदिवासी नारी | ‘Mausi’ Upnayas By : Ramanika Gupta

    ByDr. Anu Pandey May 16, 2021May 22, 2021

    आदिवासी व दलित रमणिका गुप्ता की रचनाओं के केंद्र में रहे है | उन्होंने नारी मुक्ति के अतिरिक्त आदिवासी साहित्यिक स्वर को व्यापकता प्रदान की तथा मजदूर आंदोलनों को बल प्रदान करने में उनकी बड़ी सहभागिता रही | रमणिका गुप्ता जी का ‘मौसी’ उपन्यास आदिवासी समाज की महिला के जीवन संघर्ष, उत्पीड़न, गरीबी और साथ…

    Read More रमणिका गुप्ता के ‘मौसी’ उपन्यास में आदिवासी नारी | ‘Mausi’ Upnayas By : Ramanika GuptaContinue

  • sushila takbhoure thumnnail
    Author Biographies

    सुशीला टाकभौरे का संक्षिप्त जीवन परिचय | Sushila Takbhoure Biography in Hindi

    ByDr. Anu Pandey April 18, 2021October 2, 2022

    सुशीला टाकभौरे का जन्म दिनांक 4 मार्च 1954 को मध्यप्रदेश के जिला होशंगाबाद में बनापुरा गाँव में हुआ था | सुशीला जी हिंदी दलित साहित्य की अग्रणी महिला साहित्यकारों में से एक है | उनके जीवन के अनुभव, एक दलित और स्त्री होने के नाते उनके जीवन का संघर्ष उनकी रचनाओं में भली-भांति परिलक्षित होती…

    Read More सुशीला टाकभौरे का संक्षिप्त जीवन परिचय | Sushila Takbhoure Biography in HindiContinue

  • सीता_उपन्यास_थंबनेल
    Hindi Articles

    रमणिका गुप्ता का ‘सीता’ उपन्यास : आदिवासी नारी का संघर्ष | ‘Seeta’ Upnayas By : Ramanika Gupta

    ByDr. Anu Pandey April 11, 2021May 22, 2021

    जंगल में जन्म और जंगल में ही अपना सम्पूर्ण जीवन बिता देने वाले और जो आदिकाल से जंगल में ही रहते हों ,जंगल से प्राप्त वस्तुओं पर ही जिनका जीवन निर्भर हों ऐसे लोग आदिवासी कहे जाते हैं | प्रकृति की गोद में पले –बढ़े इन लोगों का जीवन बेहद संघर्षों से भरा होता है…

    Read More रमणिका गुप्ता का ‘सीता’ उपन्यास : आदिवासी नारी का संघर्ष | ‘Seeta’ Upnayas By : Ramanika GuptaContinue

  • vasu ka kutum cover page
    Hindi Articles

    मृदुला गर्ग की कहानी ‘वसु का कुटुम’ – मूल संवेदना | Vasu ka Kutum – By Mridula Garg

    ByDr. Anu Pandey April 4, 2021May 22, 2021

    मृदुला गर्ग समकालीन महिला लेखिकाओं में एक विशिष्ट स्थान रखती हैं | बहुचर्चित औपन्यासिक रचनाओं के अतिरिक्त हिंदी कहानी के क्षेत्र में भी शसक्त रचनाएँ देकर उन्होंने हिंदी साहित्य जगत में अपना महत्वपूर्ण हस्ताक्षर दिया है | अपने निजी जीवन के साथ-साथ अपनी रचनाओं में भी अपने विचारों को बेख़ौफ़ होकर बयां करना उनकी खासियत…

    Read More मृदुला गर्ग की कहानी ‘वसु का कुटुम’ – मूल संवेदना | Vasu ka Kutum – By Mridula GargContinue

  • Nasira sharma
    Author Biographies

    नासिरा शर्मा का संक्षिप्त जीवन परिचय | Nasira Sharma Biography in Hindi

    ByDr. Anu Pandey March 28, 2021May 26, 2021

    नासिरा शर्मा आधुनिक महिला साहित्यकारों में एक विशिष्ट स्थान रखती हैं | उनका जन्म 22 अगस्त सन् 1948 में इलाहाबाद के एक समृद्ध सिया मुस्लिम परिवार में हुआ था | चूँकि वे अपने घर में सबसे छोटी थीं, अतः उनका बचपन बड़े ही लाड प्यार में बीता था | उनके पिता उर्दू के प्रोफेसर होने…

    Read More नासिरा शर्मा का संक्षिप्त जीवन परिचय | Nasira Sharma Biography in HindiContinue

  • किन्नर आत्मकथा
    Hindi Articles

    किन्नर आत्म कथाओं में अभिव्यक्त किन्नर समाज की पीड़ा | Third Gender Biography in Hindi

    ByDr. Anu Pandey March 18, 2021April 8, 2021

    हमारे पूरे समाज का ताना बाना स्त्री और पुरुष  इन्हीं दोनों के इर्द-गिर्द घूमता रहता है मानों इन्हीं से ही सम्पूर्ण समाज का अस्तित्व हो | परन्तु इन पूर्ण पुरुष एवं पूर्ण स्त्री के मध्य एक अपूर्ण एवं उपेक्षित वर्ग भी विद्यमान है | समाज के  अन्य वर्गों के मध्य अपनी पहचान, उपस्थिति एवं अपने…

    Read More किन्नर आत्म कथाओं में अभिव्यक्त किन्नर समाज की पीड़ा | Third Gender Biography in HindiContinue

  • Mridula Garg Jeevan Parichay
    Author Biographies

    मृदुला गर्ग का संक्षिप्त जीवन परिचय | Mridula Garg Biography in Hindi

    ByDr. Anu Pandey March 11, 2021January 7, 2022

    मृदुला गर्ग का जन्म 25 अक्टूबर 1938 में कलकत्ता में हुआ था | पिता का तबादला होने के कारण लगभग तीन वर्ष की आयु में वे दिल्ली आ गयीं जहाँ उनके अनुभव संसार को और भी विस्तार मिला | मृदुला जी का बचपन काफी शारीरिक पीड़ा में बीता और इसके कारण वे कई वर्षों तक…

    Read More मृदुला गर्ग का संक्षिप्त जीवन परिचय | Mridula Garg Biography in HindiContinue

  • manisha-kulshresth-ki-kahaniyan-kathputaliyan
    Hindi Articles

    मनीषा कुलश्रेष्ठ की कठपुतलियाँ कहानी संग्रह : मानवीय संवेदना | kathputaliyan kahani sangrah by Manisha Kulshrestha

    ByDr. Anu Pandey March 4, 2021April 6, 2021

    हिंदी के युवा साहित्यकारों में मनीषा कुलश्रेष्ठ एक कहानीकार और उपन्यासकार के रूप में विशेष स्थान रखती हैं। मनीषा कुलश्रेष्ठ की कहानियां अपने विषय वैविध्य के कारण विशेष रूप से प्रसिद्ध हुई हैं। कठपुतलियाँ कहानी संग्रह की कहानियों ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई है | इस संग्रह में कुल नव कहानीयां संग्रहित हैं। जिनमें मानव…

    Read More मनीषा कुलश्रेष्ठ की कठपुतलियाँ कहानी संग्रह : मानवीय संवेदना | kathputaliyan kahani sangrah by Manisha KulshresthaContinue

  • हिंदी कहानियां - व्यंग्य
    Hindi Articles

    दिलीप मेहरा की हिंदी कहानियों में व्यंग्य (सामाजिक विसंगतियों पर चोट)

    ByDr. Anu Pandey February 28, 2021March 31, 2021

    व्यंग्‍य की उत्पत्ति ही सामाजिक विसंगतियों, विद्रूपताओं, पाखंडों तथा विरोधाभासों से उपजने वाले असंतोष से होती है |  इसके माध्यम से एक रचनाकार अपने अनुभवों तथा अपने आस-पास के परिवेश की विसंगतियों को अप्रत्यक्ष रूप से पाठकों के समक्ष परोसता है | हिंदी साहित्य की अन्य विधाओं की ही भांति हिंदी कहानियों में व्यंग्य की उपस्थिति भली भांति देखी जा सकती…

    Read More दिलीप मेहरा की हिंदी कहानियों में व्यंग्य (सामाजिक विसंगतियों पर चोट)Continue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 2 3 4 5 Next PageNext
sahitya srijan

साहित्य सृजन

हिंदी साहित्य का रचनात्मक मंच

यह मंच हिंदी साहित्य, संस्कृति, विचार और संवेदना के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित है |

त्वरित लिंक

  • होम
  • हमारे बारे में
  • लेख-वैविध्य
  • लेखक-परिचय
  • पुस्तक चर्चा
  • कवितायेँ

श्रेणियाँ

  • Author Biographies
  • Book Reviews
  • Hindi Articles
  • Hindi Poems

महत्वपूर्ण लिंक

  • गोपनीयता नीति
  • उपयोग की शर्तें
  • अस्वीकरण
  • DMCA नीति (कॉपीराइट सूचना)
  • साइटमैप

हमसे संपर्क करें

sahityasrijan986@gmail.com

© 2026 साहित्य सृजन. सर्वाधिकार सुरक्षित।

Facebook X Instagram

Designed with ❤️ for Hindi Literature

  • होम
  • लेख-वैविध्य
  • लेखक-परिचय
  • पुस्तक चर्चा
  • कवितायेँ
  • हमारे बारे में
Search