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“साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, दिशा भी है।”

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  • कठगुलाब - मृदुला गर्ग
    Book Reviews

    कठगुलाब : मृदुला गर्ग | Kathgulab Upnayas By : Mridula Garg

    ByDr. Anu Pandey October 3, 2021October 3, 2021

    कठगुलाब उपन्यास की कथा नारी जीवन तथा उसके संघर्षो को लेकर लिखा गया है | इस उपन्यास का कथानक समाज में व्याप्त नारी के शोषण, अन्याय तथा स्त्रियों के विभिन्न संघर्षो को प्रस्तुत करता है | समाज में पुरुष द्वारा किस प्रकार से नारी का शोषण कर उसे सताया एवं उसका उपयोग करके फेंक दिया…

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  • चित्तकोबरा उपन्यास - Mridula Garg
    Book Reviews

    चित्तकोबरा : मृदुला गर्ग | Chitkobra Upnayas By : Mridula Garg

    ByDr. Anu Pandey September 5, 2021September 25, 2021

    चित्तकोबरा मृदुला जी द्वारा रचित एक बहुचर्चित एवं विवादास्पद उपन्यास है | इस उपन्यास की कथा का मूल आधार प्रेम विवाह तथा सेक्स की समस्या है | उपन्यास की नायिका मनु दाम्पत्य सम्बन्ध एवं दाम्पत्येत्तर सम्बन्ध के कारण निरन्तर तनाव तथा द्वन्द्व की स्थिति महसूस करती है | उपन्यास में सेक्स सम्बन्ध को बड़ी बेबाकी…

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  • अनित्य उपन्यास By : Mridula Garg
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    अनित्य : मृदुला गर्ग | Anitya upnayas By : Mridula Garg

    ByDr. Anu Pandey August 22, 2021August 12, 2021

    अनित्य उपन्यास में पचास वर्षों के लगातार हास्योन्मुख होते सामाजिक परिवेश को प्रस्तुत किया गया है | इस उपन्यास में राजनैतिक विसंगतियों का भी बखूबी चित्रण किया गया है | मृदुला गर्ग जी ने भगत सिंह के क्रांतिकारी आंदोलन तथा गांधी के सविनय अवज्ञा आन्दोलन द्वारा प्रभावित भावबोध तथा देश की भयानक आर्थिक असमानता और…

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  • Mridula Garg- मैं और मैं उपन्यास
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    मैं और मैं : मृदुला गर्ग | Main aur main Upnayas By : Mridula Garg

    ByDr. Anu Pandey August 8, 2021September 25, 2021

    ‘मैं और मैं’ मृदुला जी द्वारा एक नवीन विषय को लेकर लिखा गया उपन्यास है | इस समाज में एक स्त्री लेखिका का किस प्रकार से शोषण किया जाता है, एक स्त्री लेखिका को किन सघर्षों का सामना करना पड़ता है, इस विषय पर प्रकाश डाला गया है | इस उपन्यास की नायिका ‘मैं’ एक…

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  • Nagarjun_ke_upanayas
    Book Reviews

    नागार्जुन के उपन्यास : संक्षिप्त परिचय | Nagarjun ke Upanayas

    ByDr. Anu Pandey August 1, 2021September 25, 2021

    बाबा नागार्जुन ने मैथिली तथा हिंदी भाषा में अनेकों रचनाओं का सृजन किया है | साहित्यकार नागार्जुन ने संकृत तथा बंग्ला भाषाओं में भी कई मौलिक रचनाकर्म किये तथा साथ ही अन्य भाषाओं की रचनाओं का हिंदी में अनुवाद भी किया है | नागार्जुन की प्रगतिशील विचारधारा उनके रचनाकर्म में भली-भांति परिलक्षित होती है |…

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  • Mridula Garg - Vansaj Upnayas
    Book Reviews

    वंशज उपन्यास : मृदुला गर्ग | Vansaj Upnayas By : Mridula Garg

    ByDr. Anu Pandey July 25, 2021July 27, 2021

    मृदुला गर्ग कृत वंशज उपन्यास एक नवीन कथावस्तु तथा नवीन समस्याओं को लेकर प्रस्तुत हुआ है, जिसमें वर्तमान पीढ़ी द्वारा विरासत में मिली नौकरशाही का डटकर किये जाने वाले विरोध का चित्रण किया गया है। उपन्यास का ढाँचा कानपुर में रहने वाले शुक्ल जी नामक जज को लेकर खड़ा किया गया है। शुक्ला जी अंग्रेजों…

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  • उसके हिस्से की धूप_By_Mridula_Garg
    Book Reviews

    उसके हिस्से की धूप : मृदुला गर्ग | Uske Hisse Ki Dhoop : Mridula Garg

    ByDr. Anu Pandey July 18, 2021July 17, 2021

    उसके हिस्से की धूप उपन्यास की कथावस्तु में नारी जीवन की आत्म-सार्थकता की तलाश, प्रेम त्रिकोण, समाज में बड़े व्यापक स्तर पर फैले स्त्री-पुरुष के दाम्पत्य जीवन, उसमें होने वाले विच्छेद तथा दात्मपत्येत्तर सम्बन्धों को कथा का आधार बनाया गया है । इस उपन्यास के लेखन से पूर्व स्त्री केवल बहन, बहू, बेटी, माँ, भाभी…

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