उषा प्रियंवदा कृत नदी उपन्यास | Nadi Upnayas By : Usha Privyamvada

आज हिंदी साहित्य में नारी ,दलित,आदिवासी एवं किन्नर साहित्य भी भांति ही प्रवासी साहित्य की अपनी जड़े मजबूत करते हुए हिंदी साहित्य को समृद्ध कर रहा है | रोजी-रोटी की…

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कैलाशचंद चौहान कृत भंवर उपन्यास – दलित स्त्री की संघर्षगाथा | Bhanvar Upnayas By : Kailashchand Chauhan

हिंदी साहित्य के जाने माने दलित लेखक कैलाशचंद चौहान रचित एवं 2013 में प्रकाशित भंवर उपन्यास में दलित लोगों के संघर्ष, उनकी सोच, स्त्री शिक्षा के प्रति उनका नजरिया, जाति…

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अकाल में उत्सव उपन्यास : कृषक जीवन की त्रासदी | Akaal mein Utsav Upnayas By : Pankaj Subir

 “टप्प ... आंगन में पहली बूंद गिरी | बूंद की आवाज ने उस छोटे से टूटे-फूटे मकान के अन्दर दहशत भर दी | उस साधारण सी आवाज में कितनी दहशत…

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मैं हिजड़ा मैं लक्ष्मी : बदलाव के पदचिह्न | Main Hijada Main Laxmi by : Laxminarayan Tripathi

हमारा पूरा समाज स्त्री और पुरुष इन्ही  दो वर्गों में विभाजित है | इन्ही से ही सम्पूर्ण समाज का अस्तित्व माना जाता है | किन्तु इन्ही स्त्री और पुरुष के…

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पोस्ट बॉक्स नं. 203 नाला सोपारा उपन्यास में किन्नरों की स्थिति | Post Box No. 203 Nala Sopara Upnayas By : Chitra Mudgal

पोस्ट बॉक्स नं. 203 नाला सोपारा पत्राचार शैली में लिखा गया एक मर्मस्पर्शी उपन्यास है जो समाज के मुखौटे को अपने प्रश्नों से कुरेदकर निकालता है

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‘जिंदगी 50-50’ उपन्यास : अधूरी देह की पूरी कहानी | ‘Jindagi 50-50’ Upnayas By : Bhagvant Anmol

एक किन्नर को उसके अपने परिवार, समाज से मिले दर्द तथा उसके साथ हुए अन्याय आदि को लेकर लिखा गया यह उपन्यास अपने आप में इस समाज के समक्ष अनेकों…

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रमणिका गुप्ता के ‘मौसी’ उपन्यास में आदिवासी नारी | ‘Mausi’ Upnayas By : Ramanika Gupta

आदिवासी व दलित रमणिका गुप्ता की रचनाओं के केंद्र में रहे है | उन्होंने नारी मुक्ति के अतिरिक्त आदिवासी साहित्यिक स्वर को व्यापकता प्रदान की तथा मजदूर आंदोलनों को बल…

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सुशीला टाकभौरे का संक्षिप्त जीवन परिचय | Sushila Takbhoure Biography in Hindi

सुशीला टाकभौरे का जन्म दिनांक 4 मार्च 1954 को मध्यप्रदेश के जिला होशंगाबाद में बनापुरा गाँव में हुआ था | सुशीला जी हिंदी दलित साहित्य की अग्रणी महिला साहित्यकारों में…

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रमणिका गुप्ता का ‘सीता’ उपन्यास : आदिवासी नारी का संघर्ष | ‘Seeta’ Upnayas By : Ramanika Gupta

जंगल में जन्म और जंगल में ही अपना सम्पूर्ण जीवन बिता देने वाले और जो आदिकाल से जंगल में ही रहते हों ,जंगल से प्राप्त वस्तुओं पर ही जिनका जीवन…

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मृदुला गर्ग की कहानी ‘वसु का कुटुम’ – मूल संवेदना | Vasu ka Kutum – By Mridula Garg

मृदुला गर्ग समकालीन महिला लेखिकाओं में एक विशिष्ट स्थान रखती हैं | बहुचर्चित औपन्यासिक रचनाओं के अतिरिक्त हिंदी कहानी के क्षेत्र में भी शसक्त रचनाएँ देकर उन्होंने हिंदी साहित्य जगत…

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