किन्नर आत्म कथाओं में अभिव्यक्त किन्नर समाज की पीड़ा | Third Gender Biography in Hindi
हमारे पूरे समाज का ताना बाना स्त्री और पुरुष इन्हीं दोनों के इर्द-गिर्द घूमता रहता है मानों इन्हीं से ही सम्पूर्ण समाज का अस्तित्व हो | परन्तु इन पूर्ण पुरुष एवं पूर्ण स्त्री के मध्य एक अपूर्ण एवं उपेक्षित वर्ग भी विद्यमान है | समाज के अन्य वर्गों के मध्य अपनी पहचान, उपस्थिति एवं अपने…
