आज भी तुझे ढूँढती मेरी निगाहें
आज भी तुझे ढूँढती मेरी निगाहें …….कहाँ जा तुम जा छिपी हो ,लगता है जैसे दिल की बस हर इक कली मुरझा चुकी हो |आंख में आंसू हैं दिल में ठंडी आहें ,आज याद आती हैं तेरी वो हशी चंचल अदाएं |आज भी तुझे ढूँढती मेरी निगाहें ……. झुकी पलकों को तेरी देख उठता यूँ…
