दाम्पत्य जीवन की दर्द भरी कहानियां : ‘दीवार में रास्ता’ | Deewar Mein Raasta Kahani Sangrah By- Tejendra Sharma

प्रवासी भारतीय साहित्यकारों में अनेक ऐसे लेखक हैं जिन्होंने हिंदी साहित्य में अपना विशेष योगदान देकर हिंदी साहित्य संसार के भंडार को समृद्ध किया है | उषा राजे सक्सेना, दिव्या…

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मेरा प्रेम ….. अमावश की कालिमा के पीछे है छुपा

मेरा प्रेम …..अमावश की कालिमा के पीछे है छुपा ,होगा नहीं उदित सूर्य प्रकाश पुंज के साथ ,और होगा नहीं उजाला नया |इस कालिमा के मध्य ग्रशेगा मुझे राहु,बच ना…

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आज भी तुझे ढूँढती मेरी निगाहें

आज भी तुझे ढूँढती मेरी निगाहें …….कहाँ जा तुम जा छिपी हो ,लगता है जैसे दिल की बस हर इक कली मुरझा चुकी हो |आंख में आंसू हैं दिल में…

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कुछ कहना था उनसे, पर लफ्जों ने सहारा ना दिया

कुछ कहना था उनसे ,पर लफ्जों ने सहारा ना दियागमे भवर में थे जब , कस्ती ने किनारा ना दियाकुछ गर्दिसें यूँ थी जो गर बाँटते उनसे ,उनकी आंशुओं के…

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विस्थापन का खट्टा-मीठा पारितोष – ‘वाकिंग पार्टनर’ | Walking Partner Kahani Sangrah by Usha Raje Saxena

विस्थापन की वृत्ति प्रकृति प्रदत्त हर जीवों में देखी जा सकती है | फिर चाहे इसका मूल कारण आस-पास के भौगोलिक परिवेश में बदलाव हो, अथवा जीविका की जद्दोजहद |…

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